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भारत से एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक: प्लान, ख़र्च, परमिट और फ़िटनेस

By Ganesh ·

भारत से एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक: प्लान, ख़र्च, परमिट और फ़िटनेस

भारत से एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक कैसे करें, काठमांडू से लुकला और नामचे होते हुए 14 दिन का प्लान, भारतीयों के लिए दस्तावेज़ और परमिट, रुपयों में ख़र्च, सही मौसम, ऊँचाई की बीमारी और सामान।

सीधा जवाब: एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक काठमांडू से लगभग 12–14 दिन का है: लुकला तक छोटी फ़्लाइट, फिर खुम्बू घाटी में नामचे बाज़ार, तेंगबोचे, डिंगबोचे, लोबुचे और गोरक शेप होते हुए बेस कैंप (लगभग 5,364 मीटर) और काला पत्थर व्यूपॉइंट (लगभग 5,545 मीटर)। भारतीयों को नेपाल के लिए वीज़ा नहीं चाहिए। गाइड और पोर्टर के साथ भारत से कुल ख़र्च आमतौर पर लगभग ₹1–1.6 लाख प्रति व्यक्ति आता है। सबसे अच्छा समय मार्च से मई और सितंबर के आख़िर से नवंबर।

नीचे दिए दाम, परमिट और नियम अनुमानित हैं, जाने से पहले जाँच लें।

क्या यह ट्रेक आपके लिए है?

पर्वतारोहण की ज़रूरत नहीं, यह जाने-माने रास्तों पर लंबी पैदल यात्रा है, रात पहाड़ी लॉज ("टी-हाउस") में। मुश्किल ऊँचाई और लंबाई है: ज़्यादातर दिन 5–7 घंटे चलना, और एक हफ़्ता 4,000 मीटर से ऊपर सोना। दो-तीन महीने पहले से तैयारी करें (सीढ़ियाँ, बैग के साथ लंबी हाइक, कार्डियो), और दिल, फेफड़े या ब्लड प्रेशर की कोई समस्या हो तो डॉक्टर से ज़रूर बात करें।

दिन-ब-दिन प्लान (14 दिन)

दिन रास्ता रात (लगभग)
1 काठमांडू पहुँचें; परमिट और सामान 1,400 मी
2 लुकला फ़्लाइट; फाकडिंग तक पैदल 2,610 मी
3 फाकडिंग → नामचे बाज़ार (खड़ी चढ़ाई, पहली बार एवरेस्ट दिखता है) 3,440 मी
4 आराम/अनुकूलन दिन: एवरेस्ट व्यू होटल या खुमजुंग तक हाइक 3,440 मी
5 नामचे → तेंगबोचे (मशहूर मठ) 3,860 मी
6 तेंगबोचे → डिंगबोचे 4,410 मी
7 अनुकूलन दिन: नांगकार्त्शांग पहाड़ी तक जाकर वापस 4,410 मी
8 डिंगबोचे → लोबुचे 4,940 मी
9 लोबुचे → गोरक शेप → एवरेस्ट बेस कैंप → गोरक शेप 5,160 मी
10 सुबह काला पत्थर, फिर फेरिचे तक उतरें 4,370 मी
11 फेरिचे → नामचे 3,440 मी
12 नामचे → लुकला 2,860 मी
13 काठमांडू फ़्लाइट 1,400 मी
14 मौसम के लिए बफ़र दिन; घर वापसी

बफ़र दिन ज़रूर रखें, बादलों में लुकला फ़्लाइट अक्सर रद्द होती है। पीक सीज़न में कई लुकला फ़्लाइट काठमांडू की जगह रामेछाप (मंथली) से उड़ती हैं, जो काठमांडू से 4–5 घंटे की ड्राइव है।

भारतीयों के लिए दस्तावेज़ और परमिट

  • वीज़ा नहीं: भारतीय वैध पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड से नेपाल जा सकते हैं। फ़्लाइट और परमिट के लिए पासपोर्ट सबसे आसान है।
  • सागरमाथा नेशनल पार्क परमिट: काठमांडू या मोंजो में; सार्क देशों के नागरिकों के लिए फ़ीस कम।
  • स्थानीय (खुम्बू पासांग ल्हामु) शुल्क: लुकला या मोंजो में।
  • गाइड: नेपाल ने 2023 में कई इलाकों में विदेशी ट्रेकर्स के लिए लाइसेंस वाला गाइड अनिवार्य किया, और हर इलाके में अमल अलग है। अकेले ट्रेक की योजना हो तो पहले नेपाल टूरिज़्म बोर्ड या किसी रजिस्टर्ड एजेंसी से ताज़ा नियम पूछें।

भारत से ख़र्च (अनुमानित, प्रति व्यक्ति)

मद ख़र्च
भारत–काठमांडू आने-जाने की फ़्लाइट ₹10,000–25,000
काठमांडू (या रामेछाप)–लुकला आने-जाने की फ़्लाइट लगभग ₹30,000–40,000
परमिट ₹3,000–5,000
गाइड (ग्रुप में बँटकर), प्रति दिन ₹2,000–3,000
पोर्टर (दो लोगों का सामान), प्रति दिन ₹1,700–2,200
टी-हाउस कमरा + तीन बार खाना, प्रति दिन ₹2,500–4,500 (ऊपर जाते-जाते बढ़ता है)
ऊँचाई पर हेलीकॉप्टर रेस्क्यू वाला ट्रैवल इंश्योरेंस ₹3,000–8,000

काठमांडू की एजेंसी का पूरा पैकेज (परमिट, गाइड, पोर्टर, लॉज, खाना, लुकला फ़्लाइट) आमतौर पर ₹1–1.4 लाख; अंतरराष्ट्रीय फ़्लाइट और निजी ख़र्च अलग।

जाने का सही समय

वसंत (मार्च–मई) में बुरांश खिलते हैं और एवरेस्ट चढ़ाई का सीज़न होता है। पतझड़ (सितंबर के आख़िर–नवंबर) में आसमान सबसे साफ़ और भीड़ सबसे ज़्यादा। सर्दी बहुत ठंडी पर शांत; जून–अगस्त मानसून में बादल और फ़्लाइट रद्द होने की आशंका। भारत में इस ट्रेक की खोज अक्टूबर-नवंबर और अप्रैल में सबसे ज़्यादा होती है।

ऊँचाई की बीमारी

  • धीरे चढ़ें, दोनों अनुकूलन दिन लें, और "ऊपर घूमें, नीचे सोएँ"।
  • रोज़ 3–4 लीटर पानी पिएँ; शराब और नींद की गोलियों से बचें।
  • सिरदर्द, उल्टी, चक्कर या आराम में साँस फूलना, इन लक्षणों में ऊपर न जाएँ; गंभीर हों तो तुरंत नीचे उतरें।
  • डायमॉक्स के बारे में पहले डॉक्टर से सलाह लें।

ज़रूरी सामान

  • पहले से पहने हुए ट्रेकिंग जूते, ट्रेकिंग पोल।
  • डाउन जैकेट, फ़्लीस, थर्मल, रेन जैकेट, दस्ताने और गर्म टोपी।
  • −10 °C तक का स्लीपिंग बैग (काठमांडू में किराये पर मिल जाता है)।
  • धूप का चश्मा, सनस्क्रीन, हेडलैंप, पानी साफ़ करने की गोलियाँ, फ़र्स्ट-एड।
  • नेपाली रुपये नकद, नामचे के बाद ATM नहीं; ₹500 के भारतीय नोट हर जगह नहीं चलते।

काम की बातें

  • शाकाहारी खाना आसानी से मिलता है, दाल-भात (बार-बार परोसा जाता है) ट्रेकर्स का मुख्य भोजन है।
  • भारतीय सिम शायद काम न करे; काठमांडू में Ncell या नेपाल टेलीकॉम का सिम लें।
  • हर रात के पड़ाव को एक दिन बनाकर Sancharees में ट्रेक प्लान करें, नेटवर्क न हो तब भी प्लान ऑफ़लाइन दिखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या शुरुआती लोग यह ट्रेक कर सकते हैं?

हाँ, अगर फ़िट हैं और तैयारी की है। अनुकूलन दिन बिल्कुल न छोड़ें।

क्या नेपाल के लिए पासपोर्ट ज़रूरी है?

वीज़ा की ज़रूरत नहीं और वोटर आईडी भी चलता है, लेकिन पासपोर्ट से फ़्लाइट और परमिट आसान रहते हैं।

ट्रेक कितने किलोमीटर का है?

लुकला से आना-जाना लगभग 120–130 किमी।

तस्वीर: Ama Dablam, Nepal, Vyacheslav Argenberg, CC BY 4.0 (Wikimedia Commons)

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