जापान में 10 दिन: टोक्यो, हाकोने, क्योटो, नारा और ओसाका
By Ganesh ·
पहली बार जापान जा रहे हैं तो 10 दिन ऐसे बाँटें: टोक्यो में 4 रातें, हाकोने में 1, क्योटो में 3 (आधा दिन नारा) और ओसाका में 2। ट्रेन, ठहरने की जगह और रुपयों में मोटा खर्च, दिन-ब-दिन।
10 दिन हों तो ऐसे बाँटें: टोक्यो में चार रातें, हाकोने में एक, क्योटो में तीन (आधा दिन नारा के लिए) और ओसाका में दो। टोक्यो में उतरें और ओसाका के कंसाई एयरपोर्ट से लौटें। पूरे सफ़र में आप पश्चिम की तरफ़ बढ़ते रहते हैं, वापस आने में एक दिन भी नहीं जाता।
रूट
| दिन | ठिकाना | रातें | क्या देखें |
|---|---|---|---|
| 1-4 | टोक्यो | 4 | असाकुसा, शिबुया, शिंजुकु, निक्को या कामाकुरा |
| 5 | हाकोने | 1 | लेक आशी, रोपवे, ओनसेन वाला र्योकान |
| 6-8 | क्योटो | 3 | फ़ुशिमी इनारी, अराशियामा, गियोन, नारा |
| 9-10 | ओसाका | 2 | दोतोनबोरी, ओसाका कैसल, फिर एयरपोर्ट |
दिन-ब-दिन
पहला दिन, टोक्यो पहुँचना
एयरपोर्ट पर ही eSIM चालू कर लें या पॉकेट वाई-फ़ाई ले लें, और फ़ोन में Suica या PASMO कार्ड जोड़ लें। होटल यामानोते लाइन के किसी स्टेशन के पास लें, जैसे शिंजुकु, शिबुया, उएनो या टोक्यो स्टेशन। थकान न हो तो शाम को शिंजुकु की ओमोइदे योकोचो गली और मेट्रोपॉलिटन गवर्नमेंट बिल्डिंग की मुफ़्त ऊपरी मंज़िल से शहर का नज़ारा।
दूसरा दिन, असाकुसा से शिबुया
सेंसो-जी मंदिर सुबह जल्दी पहुँचें, टूर ग्रुप आने से पहले। नाकामिसे गली में कुछ खाते हुए आगे बढ़ें, फिर उएनो पार्क और अमेयोको बाज़ार। दोपहर अकिहाबारा, और शाम शिबुया क्रॉसिंग पर। शिबुया स्काई सूर्यास्त के समय सबसे अच्छा है, पर उस स्लॉट के टिकट कई दिन पहले ख़त्म हो जाते हैं।
तीसरा दिन, मेइजी जिंगू और हाराजुकु
पेड़ों के बीच से मेइजी जिंगू तक लगभग 15 मिनट की शांत पैदल सैर है। उसके ठीक उलट है ताकेशिता स्ट्रीट की भीड़। दोपहर में teamLab म्यूज़ियम का टिकट पहले से लेकर जाएँ। रात का खाना गिंज़ा में या त्सुकिजी आउटर मार्केट के पास।
चौथा दिन, एक दिन की सैर
दोनों में से एक चुनें। निक्को लगभग दो घंटे दूर है, देवदार के जंगल में सजे मंदिर और पास में झरने। कामाकुरा एक घंटे पर है, बड़े बुद्ध और समुद्र के पास के मंदिर। रात फिर टोक्यो में।
पाँचवाँ दिन, हाकोने
ट्रेन से ओदावारा और वहाँ से हाकोने। यहाँ का आम चक्कर है पहाड़ी ट्रेन, केबल कार, भाप छोड़ती ओवाकुदानी घाटी के ऊपर रोपवे और लेक आशी में नाव। रात किसी र्योकान में बिताएँ। रात का खाना और नाश्ता अक्सर किराए में शामिल रहता है, और गर्म पानी का स्नान यहाँ आने की आधी वजह है। फ़ूजी पहाड़ अक्सर बादलों में छिपा रहता है, इसलिए दिन उसी के भरोसे न रखें।
छठा दिन, क्योटो
ओदावारा से क्योटो शिंकानसेन लगभग दो घंटे लेती है। सामान रखकर कियोमिज़ु-देरा जाएँ, फिर सन्नेनज़ाका और निनेनज़ाका की पुरानी गलियों से उतरते हुए गियोन। हानामिकोजी अँधेरा होने के बाद ज़्यादा सुंदर लगती है।
सातवाँ दिन, फ़ुशिमी इनारी और अराशियामा
फ़ुशिमी इनारी सुबह 7 बजे तक पहुँच जाएँ, 10 बजे तक नीचे के लाल द्वार भीड़ से भर जाते हैं। ऊपर चोटी तक जाना ज़रूरी नहीं; करीब 40 मिनट चढ़ने पर नज़ारा खुल जाता है। फिर ट्रेन से अराशियामा का बाँस का जंगल और तेनर्यू-जी। शाम निशिकी मार्केट में।
आठवाँ दिन, नारा
नारा क्योटो से एक घंटे से कम है। तोदाई-जी के कांसे के बुद्ध बहुत विशाल हैं। पार्क के हिरण बिस्किट के लिए सिर झुकाते हैं, पर कभी-कभी काट भी लेते हैं, छोटे बच्चों का ध्यान रखें। दोपहर बाद क्योटो लौटकर किंकाकु-जी यानी स्वर्ण मंडप।
नौवाँ दिन, ओसाका
ओसाका ट्रेन से 15 से 30 मिनट है। दिन में ओसाका कैसल और रात को दोतोनबोरी में तकोयाकी और ओकोनोमियाकी। बच्चे साथ हों तो यह दिन यूनिवर्सल स्टूडियोज़ जापान को दे दें।
दसवाँ दिन, वापसी
सुबह नम्बा या उमेदा में खरीदारी। कंसाई एयरपोर्ट शहर से लगभग एक घंटा है, जल्दी निकलें।
JR पास या अलग टिकट
अक्टूबर 2023 में JR पास काफ़ी महँगा हो गया। इस रूट पर अब यह शायद ही फ़ायदा देता है। ओदावारा (या टोक्यो) से क्योटो का एक शिंकानसेन टिकट और बाकी सब के लिए IC कार्ड, यह आमतौर पर सस्ता पड़ता है। पास खरीदने से पहले अपने पूरे सफ़र का किराया आधिकारिक साइट पर जोड़कर देख लें।
प्रति व्यक्ति मोटा खर्च
| मद | किफ़ायती (₹, लगभग) | मध्यम (₹, लगभग) |
|---|---|---|
| भारत से आने-जाने की फ़्लाइट | 45,000-65,000 | 65,000-95,000 |
| ठहरना, दो लोग एक कमरे में, 10 रातें (1 र्योकान सहित) | 40,000-60,000 | 75,000-1,20,000 |
| ट्रेन और शहर का सफ़र | 18,000-25,000 | 22,000-30,000 |
| खाना | 15,000-22,000 | 25,000-40,000 |
| टिकट | 6,000-10,000 | 12,000-20,000 |
| वीज़ा, बीमा, eSIM | 3,000-5,000 | 4,000-6,000 |
| कुल | 1,27,000-1,87,000 | 2,03,000-3,11,000 |
ये मोटे अंदाज़े हैं। चेरी ब्लॉसम (मार्च के आख़िर से अप्रैल की शुरुआत) और नवंबर में पत्तों के रंग बदलने वाले हफ़्ते महँगे होते हैं और महीनों पहले भर जाते हैं।
जाने से पहले
- भारतीय पासपोर्ट पर वीज़ा चाहिए। ज़रूरी दस्तावेज़ और तरीका भारत में जापान दूतावास की साइट पर देखें।
- बड़े सूटकेस टोक्यो से सीधे क्योटो के होटल में लगेज कूरियर (ताक्क्युबिन) से भेज दें और हाकोने छोटा बैग लेकर जाएँ।
- शाकाहारी हैं तो क्योटो में शोजिन र्योरी (बौद्ध मंदिरों का खाना) ढूँढें और जापानी में लिखी एक पर्ची रखें कि आप क्या नहीं खाते। कई व्यंजनों में दाशी (मछली का शोरबा) होता है।
- शहरों में लगभग हर जगह कार्ड चलता है। छोटे मंदिरों, बाज़ारों और गाँव की बसों के लिए थोड़ा नकद रखें। 7-Eleven के ATM ज़्यादातर भारतीय कार्ड ले लेते हैं।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या 10 दिन काफ़ी हैं?
टोक्यो, क्योटो और ओसाका के लिए हाँ। हिरोशिमा और मियाजिमा के लिए दो दिन और चाहिए।
टोक्यो में उतरें या ओसाका में?
किसी में भी, बस लौटें दूसरे शहर से। टिकट मल्टी-सिटी में खोजें।
सबसे अच्छा महीना कौन सा है?
अप्रैल और नवंबर में मौसम सबसे अच्छा और भीड़ सबसे ज़्यादा होती है। मई के आख़िर और अक्टूबर की शुरुआत ठीक बीच का रास्ता है। जुलाई-अगस्त में गर्मी और उमस रहती है।
माता-पिता के साथ यह प्लान चलेगा?
हाँ, बस चौथे दिन की सैर हटा दें और क्योटो को आधा दिन ज़्यादा दें। बड़े स्टेशनों पर लिफ़्ट हैं, पर कुछ निकास दूर तक पैदल हैं।
तस्वीर: Water reflection of Kinkaku-ji Temple a sunny day, Kyoto, Japan, Basile Morin, CC BY-SA 4.0 (Wikimedia Commons)
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