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लद्दाख ट्रिप: रूट, परमिट और ख़र्च (बाइक, कार या फ़्लाइट)

By Ganesh ·

लद्दाख ट्रिप: रूट, परमिट और ख़र्च (बाइक, कार या फ़्लाइट)

लद्दाख ट्रिप कैसे प्लान करें, मनाली और श्रीनगर हाईवे, लेह–नुब्रा–पैंगोंग लूप, इनर लाइन परमिट, ऊँचाई की बीमारी, और फ़्लाइट, कार या बाइक से ख़र्च।

सीधा जवाब: पहली बार लद्दाख ट्रिप के लिए आमतौर पर 7–9 दिन चाहिए। लेह तक फ़्लाइट लें और दो दिन आराम करें, फिर खारदुंग ला होकर नुब्रा वैली, श्योक होते हुए पैंगोंग त्सो, और वापस लेह, या मनाली या श्रीनगर से सड़क के रास्ते आएँ और फ़्लाइट से लौटें। नुब्रा, पैंगोंग, त्सो मोरीरी जैसी जगहों के लिए भारतीयों को ऑनलाइन इनर लाइन परमिट चाहिए। फ़्लाइट और टैक्सी वाला 7 दिन का ट्रिप प्रति व्यक्ति लगभग ₹35,000–60,000; मनाली से बाइक ट्रिप लगभग ₹30,000–50,000 और बाइक का ख़र्च अलग।

नीचे दिए दाम, परमिट और सड़क खुलने की तारीख़ें अनुमानित हैं, जाने से पहले जाँच लें।

लद्दाख जाने के तीन तरीके

फ़्लाइट से लेह कार/टैक्सी से सड़क बाइक (मनाली या श्रीनगर)
किसके लिए कम छुट्टी, परिवार, बुज़ुर्ग माता-पिता ग्रुप जो सफ़र का मज़ा चाहते हैं पहाड़ों में बाइक चलाने का अनुभव रखने वाले
दिन 6–8 9–12 10–14
ऊँचाई की आदत अचानक, लेह में 36–48 घंटे आराम धीरे-धीरे धीरे-धीरे
अनुमानित ख़र्च प्रति व्यक्ति ₹35,000–60,000 ₹40,000–70,000 ₹30,000–50,000 + बाइक/पेट्रोल

रास्ते

मनाली–लेह हाईवे

लगभग 430 किमी, अटल टनल, बारालाचा ला, गाटा लूप्स, मोरे प्लेन्स और तंगलांग ला। आमतौर पर दो दिन में, बीच में जिस्पा, सरचू या पांग में रात। सड़क आमतौर पर मई के आख़िर या जून में खुलती है और अक्टूबर में बर्फ़ से बंद हो जाती है।

श्रीनगर–लेह हाईवे

लगभग 420 किमी, सोनमर्ग, ज़ोजी ला, द्रास और कारगिल (रात), लामायुरु और अल्ची। दर्रे कम ऊँचे हैं, इसलिए शरीर को आदत डालने के लिए यह आसान रास्ता है, और यह मनाली वाले रास्ते से पहले खुलता है।

लेह से क्लासिक लूप

  1. दिन 1–2: लेह पहुँचें। पहले दिन पूरा आराम; दूसरे दिन हल्का घूमना, शांति स्तूप, लेह पैलेस, बाज़ार।
  2. दिन 3: शाम वैली, हॉल ऑफ़ फ़ेम, मैग्नेटिक हिल, सिंधु–ज़ांस्कर संगम, लिकिर या अल्ची।
  3. दिन 4: खारदुंग ला होकर नुब्रा; दिस्कित मठ, हुंडर के रेत के टीले और दो कूबड़ वाले ऊँट।
  4. दिन 5: चाहें तो तुरतुक गाँव।
  5. दिन 6: श्योक रोड से पैंगोंग त्सो; झील किनारे कैंप में रात।
  6. दिन 7: चांग ला होकर लेह वापस; रास्ते में थिकसे और हेमिस मठ।
  7. दिन 8: वापसी की फ़्लाइट (सुबह की फ़्लाइट ज़्यादा भरोसेमंद)।

परमिट

नुब्रा, पैंगोंग, त्सो मोरीरी, हानले, तुरतुक जैसी जगहों के लिए भारतीय नागरिकों को इनर लाइन परमिट चाहिए। लद्दाख प्रशासन के आधिकारिक पोर्टल lahdclehpermit.in पर कुछ दिन पहले ऑनलाइन आवेदन करें; थोड़ी पर्यावरण फ़ीस और रेड क्रॉस शुल्क लगता है। कई प्रिंटआउट और पहचान पत्र साथ रखें, चेकपोस्ट पर माँगे जाते हैं।

ख़र्च (अनुमानित)

मद ख़र्च
दिल्ली–लेह आने-जाने की फ़्लाइट ₹8,000–20,000 (पीक में ज़्यादा)
लेह में होटल प्रति रात ₹1,500–3,000 (गेस्टहाउस) से ₹5,000–10,000
पैंगोंग/नुब्रा कैंप प्रति रात, खाने के साथ ₹2,500–6,000 प्रति टेंट
नुब्रा–पैंगोंग लूप के लिए टैक्सी (4–5 दिन) ₹25,000–40,000 प्रति गाड़ी
लेह में किराये की बाइक प्रति दिन ₹1,200–2,500 + पेट्रोल
इनर लाइन परमिट और फ़ीस लगभग ₹500–1,000 प्रति व्यक्ति

लेह की टैक्सियाँ स्थानीय यूनियन के तय रेट पर चलती हैं, और लद्दाख के बाहर से किराये पर ली गई गाड़ियों को लेकर नियम बदलते रहते हैं, ऐसी गाड़ी से जाने से पहले होटल या ऑपरेटर से पक्का कर लें।

ऊँचाई की बीमारी (AMS): इसे हल्के में न लें

  • लेह लगभग 3,500 मीटर पर है; खारदुंग ला और चांग ला 5,300 मीटर से ऊपर। सीधे फ़्लाइट से पहुँचना सबसे बड़ा जोखिम है।
  • पहले 36–48 घंटे आराम करें, ख़ूब पानी पिएँ, शराब से बचें।
  • यात्रा से पहले डॉक्टर से बात करें, ख़ासकर डायमॉक्स और दिल, फेफड़े या ब्लड प्रेशर की किसी समस्या के बारे में।
  • आराम करते हुए भी सिरदर्द, उल्टी या साँस फूलना चेतावनी है; गंभीर लक्षण हों तो तुरंत नीचे उतरें और इलाज लें।

जाने का सही समय

मई से सितंबर मुख्य सीज़न है; जून से अगस्त सबसे ज़्यादा भीड़। भारत में लद्दाख की खोज जून-जुलाई में सबसे ज़्यादा होती है। सर्दियाँ (दिसंबर–फ़रवरी) बेहद ठंडी हैं, लेकिन चादर ट्रेक और स्नो लेपर्ड टूर के लिए लोग फ़्लाइट से जाते हैं।

काम की बातें

  • दूसरे राज्यों के प्रीपेड सिम अक्सर काम नहीं करते, पोस्टपेड BSNL, Airtel या Jio रखें। कई घाटियों में नेटवर्क नहीं मिलेगा।
  • ATM लेह और कुछ कस्बों में ही हैं; लूप के लिए नकद रखें।
  • पेट्रोल लेह, कारू या दिस्कित में भरवाएँ।
  • दिन-ब-दिन प्लान Sancharees में बनाएँ, हर पड़ाव के बीच का समय दिखता है, और नेटवर्क न होने पर भी प्लान ऑफ़लाइन देखा जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लद्दाख के लिए कितने दिन काफ़ी हैं?

फ़्लाइट से लेह, नुब्रा और पैंगोंग के लिए 7–8 दिन; सड़क से 10–12 दिन।

क्या पैंगोंग के लिए परमिट चाहिए?

हाँ, इनर लाइन परमिट, ऑनलाइन मिलता है।

बाइक या कार?

बाइक रोमांच है; कार ज़्यादा सुरक्षित और आरामदेह, ख़ासकर पहली बार जाने वालों के लिए।

तस्वीर: Zingzing Bar Suraj Tal Himachal Jul19 D72 10907, Timothy Gonsalves, CC BY-SA 4.0 (Wikimedia Commons)

Read in: Ladakh trip: route, permits and cost