ऋषिकेश में घूमने की जगह: राफ़्टिंग रेट, 2 दिन का प्लान और ख़र्च
By Ganesh ·
ऋषिकेश में क्या करें (शिवपुरी राफ़्टिंग, गंगा आरती, राम झूला, बीटल्स आश्रम, योग, नीलकंठ महादेव, बंजी जंपिंग) दिल्ली से कैसे पहुँचें, राफ़्टिंग का रेट, 2 दिन का प्लान और सही समय।
सीधा जवाब: ऋषिकेश में घूमने की सबसे अच्छी जगहें और करने लायक चीज़ें हैं, गंगा में रिवर राफ़्टिंग (शिवपुरी से ऋषिकेश सबसे लोकप्रिय), परमार्थ निकेतन या त्रिवेणी घाट पर शाम की गंगा आरती, राम झूला, बीटल्स आश्रम, योग कक्षा, नीलकंठ महादेव मंदिर, कुंजापुरी मंदिर से सूर्योदय, नीर गढ़ झरना और बंजी जंपिंग। दिल्ली से वीकेंड ट्रिप के लिए दो दिन काफ़ी हैं; कैंपिंग या योग रिट्रीट के लिए एक दिन और जोड़ें।
2026 के लिए अपडेट किया गया। दाम, समय और मौसमी नियम अनुमानित हैं, बुकिंग से पहले जाँच लें।
ऋषिकेश के बारे में
ऋषिकेश उत्तराखंड में गंगा किनारे बसा है, जहाँ नदी पहाड़ों से निकलकर मैदान की ओर बढ़ती है, हरिद्वार से लगभग 25 किमी ऊपर। यह तीर्थ नगरी है, चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वार है, "योग की राजधानी" कहलाता है, और साथ ही भारत का एडवेंचर स्पोर्ट्स केंद्र भी। स्थानीय नियमों के अनुसार यहाँ मांसाहार और शराब पर रोक है।
ऋषिकेश में क्या करें
रिवर राफ़्टिंग
- ब्रह्मपुरी से ऋषिकेश (लगभग 9 किमी): हल्की राफ़्टिंग, 1–1.5 घंटे, पहली बार वालों और परिवार के लिए।
- शिवपुरी से ऋषिकेश (लगभग 16 किमी): सबसे लोकप्रिय, "रोलर कोस्टर", "गोल्फ़ कोर्स" जैसे रैपिड्स और जहाँ अनुमति हो वहाँ क्लिफ़ जंपिंग।
- मरीन ड्राइव या कौड़ियाला से ऋषिकेश (लगभग 25–35 किमी): लंबी और ज़्यादा रोमांचक, अच्छे तैराकों के लिए।
राफ़्टिंग का मौसम आमतौर पर सितंबर–अक्टूबर से जून तक रहता है; मानसून में बंद रहती है। राज्य सरकार से लाइसेंस वाले ऑपरेटर ही चुनें, लाइफ़ जैकेट और हेलमेट ज़रूर लें, और उम्र की न्यूनतम सीमा (लंबी राफ़्टिंग के लिए अक्सर 14 साल) का ध्यान रखें।
गंगा आरती
हर शाम सूर्यास्त के समय दीपों और मंत्रों के साथ आरती होती है। राम झूला के पास परमार्थ निकेतन की आरती सबसे प्रसिद्ध है; त्रिवेणी घाट की आरती बड़ी और ज़्यादा स्थानीय है। 30–45 मिनट पहले पहुँचें।
राम झूला और लक्ष्मण झूला
गंगा के दोनों किनारों को जोड़ने वाले मशहूर झूला पुल। राम झूला पैदल यात्रियों के लिए खुला है। लक्ष्मण झूला 2019 में सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था और उसके पास नया पुल (बजरंग सेतु) बनाया गया है, जाने से पहले पता कर लें कि क्या खुला है। दोनों पुलों के आसपास कैफ़े, आश्रम और बाज़ार हैं।
बीटल्स आश्रम (चौरासी कुटिया)
महर्षि महेश योगी का पुराना आश्रम, जहाँ 1968 में बीटल्स ठहरे थे, अब दीवारों पर रंग-बिरंगी पेंटिंग्स से भरा। यह राजाजी टाइगर रिज़र्व के अंदर है और प्रवेश शुल्क लगता है।
योग और ध्यान
हर गली में सस्ती ड्रॉप-इन योग कक्षाएँ मिल जाती हैं; कई आश्रम कुछ दिनों के कोर्स भी कराते हैं। हर साल मार्च में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव होता है।
नीलकंठ महादेव मंदिर
लगभग 30 किमी दूर पहाड़ी रास्ते पर शिव मंदिर (या जंगल से लंबा पैदल रास्ता)। सावन (जुलाई–अगस्त) में कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ रहती है।
कुंजापुरी देवी मंदिर
लगभग 25 किमी दूर पहाड़ी की चोटी पर, साफ़ सुबह में हिमालय की चोटियों के साथ सूर्योदय। अँधेरे में ही निकलें।
नीर गढ़ झरना
लक्ष्मण झूला के पास बद्रीनाथ रोड से थोड़ी चढ़ाई पर छोटे-छोटे झरने और कुंड। मामूली प्रवेश शुल्क।
बंजी जंपिंग और कैंपिंग
ऋषिकेश से लगभग 20 किमी दूर मोहन चट्टी के पास भारत की सबसे ऊँची बंजी जंप में से एक है। शिवपुरी में गंगा किनारे टेंट, बोनफ़ायर और राफ़्टिंग पैकेज वाले कैंप दिल्ली के ग्रुप्स में बहुत लोकप्रिय हैं, पंजीकृत कैंप ही चुनें।
ऋषिकेश कैसे पहुँचें?
- दिल्ली से बस: कश्मीरी गेट ISBT से रात की वोल्वो और उत्तराखंड रोडवेज़ की बसें, सुबह ऋषिकेश।
- दिल्ली से कार: लगभग 240 किमी, 6–7 घंटे (मेरठ–मुज़फ़्फ़रनगर–हरिद्वार होकर)। शुक्रवार शाम और रविवार शाम को भारी ट्रैफ़िक रहता है।
- ट्रेन: हरिद्वार जंक्शन (लगभग 25 किमी) पर दिल्ली समेत पूरे देश से ज़्यादा ट्रेनें आती हैं; ऋषिकेश का अपना स्टेशन भी है।
- हवाई जहाज़: देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा लगभग 20–25 किमी, टैक्सी से करीब 45 मिनट।
ऋषिकेश जाने का सबसे अच्छा समय
सितंबर–नवंबर और फ़रवरी–मई सबसे अच्छे हैं, राफ़्टिंग खुली रहती है और मौसम सुहाना। अप्रैल से जून तक सबसे ज़्यादा लोग ऋषिकेश खोजते हैं, क्योंकि गर्मी की छुट्टियों में दिल्ली-एनसीआर से भीड़ उमड़ती है। दिसंबर–जनवरी में ठंड रहती है पर आसमान साफ़। जुलाई–अगस्त मानसून है: गंगा उफान पर, राफ़्टिंग बंद, पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन, और सावन में कांवड़ की भीड़।
2 दिन का ऋषिकेश प्लान
- दिन 1: सुबह योग कक्षा, दोपहर से पहले शिवपुरी से राफ़्टिंग, लक्ष्मण झूला के पास कैफ़े में लंच, दोपहर में बीटल्स आश्रम, शाम परमार्थ निकेतन की आरती।
- दिन 2: कुंजापुरी से सूर्योदय, लौटते हुए नीर गढ़ झरना, दोपहर नीलकंठ महादेव (या बंजी जंप), शाम त्रिवेणी घाट।
ऋषिकेश ट्रिप का ख़र्च
| ख़र्च | अनुमानित दाम |
|---|---|
| हॉस्टल / साधारण गेस्टहाउस (प्रति रात) | ₹500–₹1,500 |
| मिड-रेंज होटल / गंगा किनारे रिसॉर्ट (प्रति रात) | ₹2,500–₹8,000 |
| खाने के साथ कैंप (प्रति व्यक्ति) | ₹1,500–₹3,500 |
| राफ़्टिंग, छोटी से लंबी (प्रति व्यक्ति) | लगभग ₹500–₹2,500 |
| बंजी जंप | लगभग ₹3,500–₹5,000 |
| ड्रॉप-इन योग कक्षा | ₹300–₹800 |
| खाना (प्रति व्यक्ति प्रति दिन) | ₹400–₹1,000 |
दिल्ली से बस से जाकर, मिड-रेंज होटल में रुककर और एक बार राफ़्टिंग करके 2 दिन का ख़र्च आमतौर पर प्रति व्यक्ति ₹5,000–₹10,000 आता है।
ज़रूरी सावधानियाँ
- ऋषिकेश शाकाहारी और शराब-मुक्त है, नियमों का सम्मान करें।
- गंगा का पानी शांत दिखे तब भी बहुत ठंडा और तेज़ होता है; बिना निगरानी के नहाने न उतरें।
- अप्रैल–जून के वीकेंड पर भारी भीड़ रहती है; हो सके तो हफ़्ते के बीच में जाएँ।
- घाटों और मंदिरों में शालीन कपड़े पहनें।
- आगे चार धाम जाना है तो पहले उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराएँ।
Sancharees पर प्लान करें
ऋषिकेश, शिवपुरी और नीलकंठ को Sancharees की ट्रिप में जोड़ें, राफ़्टिंग और होटल की बुकिंग एक जगह रखें और पूरा प्लान दोस्तों के साथ लिंक से शेयर करें, चाहें तो इसे आगे चार धाम रूट तक बढ़ाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ऋषिकेश के लिए कितने दिन चाहिए?
राफ़्टिंग, आरती और मुख्य जगहों के लिए दो दिन काफ़ी हैं।
ऋषिकेश में राफ़्टिंग कब बंद रहती है?
आमतौर पर मानसून में, लगभग जुलाई से मध्य सितंबर तक। सही तारीख़ें हर साल राज्य सरकार तय करती है।
ऋषिकेश में राफ़्टिंग का रेट कितना है?
दूरी के हिसाब से प्रति व्यक्ति लगभग ₹500 से ₹2,500; 16 किमी शिवपुरी वाली राफ़्टिंग सबसे लोकप्रिय है।
ऋषिकेश या हरिद्वार: कहाँ रुकें?
एडवेंचर, योग और कैफ़े के लिए ऋषिकेश; छोटी तीर्थ यात्रा और हर की पौड़ी की आरती के लिए हरिद्वार। दोनों के बीच सिर्फ़ 25 किमी है।
तस्वीर: The Ganges at Rishikesh - 1, Emőke Dénes, CC BY-SA 4.0 (Wikimedia Commons)
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