शिमला में घूमने की जगह: 3 दिन का प्लान, ख़र्च और बर्फ़ कब गिरती है
By Ganesh ·
शिमला में घूमने की सबसे अच्छी जगहें (रिज, मॉल रोड, जाखू मंदिर, वाइसरीगल लॉज, टॉय ट्रेन) कुफ़री, चायल, नारकंडा, दिल्ली से कैसे पहुँचें, 3 दिन का प्लान, ख़र्च और बर्फ़ का मौसम।
सीधा जवाब: शिमला में घूमने की सबसे अच्छी जगहें हैं, द रिज और मॉल रोड, क्राइस्ट चर्च, जाखू मंदिर, वाइसरीगल लॉज, लक्कड़ बाज़ार और कालका–शिमला टॉय ट्रेन; और आसपास कुफ़री, मशोबरा, नालदेहरा, चायल और नारकंडा। शहर के लिए दो दिन काफ़ी हैं; कुफ़री और चायल या नारकंडा जोड़ने के लिए तीन–चार दिन रखें। बर्फ़ देखनी है तो दिसंबर के आख़िर से फ़रवरी के बीच जाएँ और शिमला से थोड़ा ऊपर की ओर निकलें।
2026 के लिए अपडेट किया गया। दाम और समय अनुमानित हैं, जाने से पहले जाँच लें।
शिमला के बारे में
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला लगभग 2,200 मीटर की ऊँचाई पर एक पहाड़ी की धार पर बसा है। अंग्रेज़ों के ज़माने में यह ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। पुरानी इमारतें, पैदल चलने वाली मॉल रोड और देवदार के जंगल इसे उत्तर भारत के परिवारों और हनीमून कपल्स की पसंदीदा जगह बनाते हैं।
शिमला शहर में घूमने की जगहें
द रिज और मॉल रोड
खुला मैदान "रिज" और उसके नीचे गाड़ियों से मुक्त मॉल रोड, स्कैंडल पॉइंट, गेयटी थिएटर, पुराना टाउन हॉल, कैफ़े और दुकानें। शाम को यहाँ टहलना ही असली शिमला का अनुभव है।
क्राइस्ट चर्च
रिज पर बना 1800 के दशक का गोथिक शैली का चर्च, शिमला की सबसे पहचानी जाने वाली इमारत। अंदर की रंगीन काँच की खिड़कियाँ ज़रूर देखें।
जाखू मंदिर
शिमला की सबसे ऊँची पहाड़ी पर हनुमान जी का मंदिर और विशाल हनुमान प्रतिमा, जो पूरे शहर से दिखती है। रिज से पैदल (खड़ी चढ़ाई, 30–45 मिनट), टैक्सी या रोपवे से जाएँ। चश्मा, फ़ोन और खाने का सामान संभालकर रखें, यहाँ बंदर बहुत हैं।
वाइसरीगल लॉज
वायसराय का आलीशान पत्थर का महल, जिसमें अब भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान है। ज़्यादातर दिनों में शुल्क देकर अंदर के कुछ हिस्सों का गाइडेड टूर होता है, और लॉन से सुंदर नज़ारे दिखते हैं।
लक्कड़ बाज़ार
रिज के पीछे लकड़ी के सामान के लिए मशहूर बाज़ार; नीचे के लोअर बाज़ार में स्थानीय लोगों की ख़रीदारी होती है।
कालका–शिमला टॉय ट्रेन
यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल यह नैरो-गेज रेल लगभग 96 किमी में सौ के क़रीब सुरंगों और सैकड़ों पुलों से गुज़रती है। सफ़र 5–6 घंटे का है। सीज़न में IRCTC पर पहले से टिकट बुक करें, या शिमला से छोटा हिस्सा ही घूम लें।
शिमला के आसपास घूमने की जगहें
- कुफ़री (लगभग 15 किमी): सर्दियों में बर्फ़ के लिए सबसे पास की जगह; महासू पीक तक घोड़े की सवारी, छोटा चिड़ियाघर। वीकेंड पर बहुत भीड़।
- मशोबरा और नालदेहरा (15–25 किमी): सेब के बाग़, देवदार के जंगल और नालदेहरा का पुराना गोल्फ़ कोर्स।
- चायल (लगभग 45 किमी): पटियाला के महाराजा का ग्रीष्मकालीन महल और दुनिया के सबसे ऊँचे क्रिकेट मैदानों में से एक।
- नारकंडा (लगभग 65 किमी): हाटू पीक और मंदिर, सेब के बाग़, अच्छी बर्फ़ वाले साल में स्कीइंग।
- तत्तापानी (लगभग 50 किमी): सतलुज किनारे गर्म पानी के सोते।
दिल्ली से शिमला कैसे पहुँचें?
- सड़क से: लगभग 350 किमी, 8–9 घंटे (चंडीगढ़, कालका, सोलन होकर)। दिल्ली से HRTC और प्राइवेट वोल्वो बसें रात में चलती हैं।
- ट्रेन से: दिल्ली से कालका (या चंडीगढ़) तक ट्रेन, फिर टॉय ट्रेन या टैक्सी (कालका से सड़क से लगभग 3 घंटे)।
- हवाई जहाज़ से: चंडीगढ़ हवाई अड्डा (लगभग 115 किमी) पर सबसे ज़्यादा उड़ानें हैं; शिमला का जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डा शहर से लगभग 22 किमी है, पर उड़ानें कम हैं।
- शहर के अंदर: मॉल रोड और रिज पर गाड़ियाँ नहीं जातीं; कार्ट रोड से लिफ़्ट लें या पैदल चढ़ें।
शिमला जाने का सबसे अच्छा समय
मार्च से जून मुख्य गर्मियों का सीज़न है, मैदानों की तपती गर्मी से राहत, पर मई–जून में सबसे ज़्यादा भीड़। अक्टूबर–नवंबर में मौसम साफ़ और ठंडा-सुहाना रहता है। दिसंबर से फ़रवरी कड़ाके की ठंड; बर्फ़ ज़्यादातर दिसंबर के आख़िर से फ़रवरी के बीच गिरती है, पर हर साल शिमला शहर में बर्फ़ पक्की नहीं होती, कुफ़री और नारकंडा में संभावना ज़्यादा है। जुलाई से सितंबर मानसून में भारी बारिश और भूस्खलन का ख़तरा रहता है। दिसंबर और मई में शिमला सबसे ज़्यादा खोजा जाता है, उन महीनों के लिए होटल पहले से बुक करें।
3 दिन का शिमला टूर प्लान
- दिन 1, शिमला शहर: टॉय ट्रेन या सड़क से पहुँचें, रिज और मॉल रोड, क्राइस्ट चर्च, रात का खाना मॉल पर।
- दिन 2, जाखू और वाइसरीगल लॉज: सुबह जाखू मंदिर, फिर वाइसरीगल लॉज का टूर, दोपहर लक्कड़ बाज़ार।
- दिन 3, कुफ़री और मशोबरा: भीड़ से पहले सुबह कुफ़री, दोपहर मशोबरा और नालदेहरा, शाम वापस शिमला।
शिमला ट्रिप का ख़र्च कितना है?
| ख़र्च | अनुमानित दाम |
|---|---|
| बजट होटल (प्रति रात) | ₹1,500–₹3,000 |
| मिड-रेंज या हेरिटेज होटल (प्रति रात) | ₹3,500–₹10,000 |
| कुफ़री–मशोबरा–नालदेहरा टैक्सी (एक दिन) | ₹2,500–₹4,000 |
| टॉय ट्रेन, कालका से शिमला (क्लास के हिसाब से) | लगभग ₹50–₹800 |
| प्रवेश शुल्क और टूर (वाइसरीगल लॉज, जाखू रोपवे) | प्रति व्यक्ति प्रति जगह ₹50–₹500 |
| खाना (प्रति व्यक्ति प्रति दिन) | ₹500–₹1,500 |
दिल्ली से बस या ट्रेन से दो लोगों का 3 दिन का ट्रिप, मिड-रेंज होटल और एक दिन की टैक्सी के साथ, आमतौर पर ₹15,000–₹30,000 में हो जाता है। क्रिसमस, नए साल और मई–जून के वीकेंड सबसे महँगे होते हैं।
काम की बातें
- शहर में पार्किंग बहुत मुश्किल है; गाड़ी होटल पर छोड़ें और पैदल या लिफ़्ट से घूमें।
- गर्मियों में भी एक गर्म कपड़ा रखें; नवंबर से मार्च तक पूरे सर्दी के कपड़े।
- बर्फ़बारी में शिमला से आगे के रास्ते बंद हो सकते हैं, स्थानीय ड्राइवर लें और सड़क की स्थिति जाँचें।
- कुछ गर्मियों में शिमला में पानी की कमी रही है, पानी सोच-समझकर इस्तेमाल करें।
- मानसून की तेज़ बारिश में पहाड़ी रास्तों पर सफ़र से बचें।
Sancharees पर प्लान करें
शिमला, कुफ़री और चायल को Sancharees की ट्रिप में जोड़ें, रास्ते का समय दिखेगा, टॉय ट्रेन और होटल की बुकिंग साथ रहेंगी, और पूरा प्लान परिवार के साथ लाइव लिंक से शेयर कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शिमला के लिए कितने दिन चाहिए?
शहर के लिए दो दिन; कुफ़री और चायल या नारकंडा जोड़ने के लिए तीन–चार दिन।
शिमला में बर्फ़ कब गिरती है?
ज़्यादातर दिसंबर के आख़िर से फ़रवरी तक। शहर में हर साल बर्फ़ पक्की नहीं; कुफ़री और नारकंडा में संभावना ज़्यादा है।
शिमला या मनाली: कौन बेहतर है?
शिमला पुराना अंग्रेज़ी शहर है, आसान डे-ट्रिप और टॉय ट्रेन के साथ; मनाली में बड़े पहाड़, एडवेंचर और रोहतांग–लाहौल का रास्ता। एक हफ़्ते में दोनों साथ घूमे जा सकते हैं।
क्या मॉल रोड पर गाड़ी ले जा सकते हैं?
नहीं, मॉल रोड और रिज पैदल क्षेत्र हैं।
तस्वीर: The Ridge, Shimla, Slyronit, CC BY-SA 4.0 (Wikimedia Commons)