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मेघालय 6 दिन में: शिलांग, सोहरा, लिविंग रूट ब्रिज और डावकी

By Ganesh ·

मेघालय 6 दिन में: शिलांग, सोहरा, लिविंग रूट ब्रिज और डावकी

गुवाहाटी से मेघालय का 6 दिन का प्लान: शिलांग में 2 रातें, सोहरा (चेरापूंजी) में 2 रातें डबल-डेकर रूट ब्रिज ट्रेक के साथ, एक दिन मावलिननॉन्ग और डावकी की साफ़ नदी। सही महीने, सफ़र और मोटा खर्च।

मेघालय की ज़्यादातर यात्रा गुवाहाटी से शुरू होती है, क्योंकि फ़्लाइट और ट्रेन वहीं आती हैं। वहाँ से शिलांग सड़क से लगभग तीन घंटे है। छह दिन में शिलांग, सोहरा (चेरापूंजी) के झरने और खाइयाँ, नोंग्रियात का डबल-डेकर रूट ब्रिज, मावलिननॉन्ग गाँव और डावकी की नदी, सब आराम से हो जाते हैं। स्थानीय ड्राइवर के साथ गाड़ी लें; सड़कें अच्छी हैं पर घुमावदार, और इन जगहों के बीच बसें कम हैं।

प्लान

दिन कहाँ रात
1 गुवाहाटी से शिलांग, रास्ते में उमियम झील शिलांग
2 लाइटलुम कैन्यन, डॉन बॉस्को म्यूज़ियम, पुलिस बाज़ार शिलांग
3 सोहरा: नोहकालिकाई झरना, मौसमाई गुफ़ा, सेवन सिस्टर्स झरना सोहरा
4 नोंग्रियात ट्रेक, डबल-डेकर रूट ब्रिज सोहरा
5 मावलिननॉन्ग और डावकी शिलांग या श्नोंगपडेंग
6 गुवाहाटी वापसी घर

दिन-ब-दिन

पहला दिन, शिलांग

गुवाहाटी के ट्रैफ़िक से बचने के लिए दिन चढ़ने से पहले निकलें। उमियम झील पर चाय के लिए रुकें। शिलांग में साल भर ठंडक रहती है, अप्रैल में भी जैकेट रखें। शाम को पुलिस बाज़ार में घूमें। खासी खाने में जादोह (मांस के साथ पका चावल) मशहूर है; शाकाहारियों को यहाँ उत्तर भारतीय खाना आसानी से मिल जाता है।

दूसरा दिन, शिलांग के आसपास

सुबह लाइटलुम जाएँ, गहरी हरी घाटियों का नज़ारा। लौटकर डॉन बॉस्को म्यूज़ियम, जिसकी सात मंज़िलें पूर्वोत्तर की संस्कृतियों पर हैं और छत से अच्छा दृश्य है। एलिफ़ेंट फ़ॉल्स और शिलांग पीक छोटे पड़ाव हैं (पीक वायुसेना के इलाके में है, पहचान पत्र रखें)।

तीसरा दिन, सोहरा

सोहरा लगभग डेढ़ घंटे पर है। नोहकालिकाई देखें, भारत के सबसे ऊँचे झरनों में से एक, फिर मौसमाई गुफ़ा (छोटी, रोशनी वाली, कुछ जगह झुककर निकलना पड़ता है) और सेवन सिस्टर्स झरना, जो बारिश में और उसके ठीक बाद ही भरा रहता है। रात सोहरा में या टिरना गाँव के पास, जहाँ से ट्रेक शुरू होता है।

चौथा दिन, डबल-डेकर रूट ब्रिज

टिरना से नोंग्रियात गाँव तक लगभग 3,000 सीढ़ियाँ नीचे उतरनी हैं, जहाँ पेड़ों की जड़ों से बने दो पुल एक के ऊपर एक हैं। पूरा दिन रखें: नीचे जाने में दो घंटे और चढ़ने में उससे ज़्यादा। पानी कम हो तो पुल के आगे नीले कुंडों में नहाएँ। अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें, पानी रखें और सुबह 8 बजे तक शुरू करें। घुटनों पर ज़ोर पड़ता है, छड़ी काम आती है।

पाँचवाँ दिन, मावलिननॉन्ग और डावकी

मावलिननॉन्ग साफ़-सुथरा गाँव है, पास में एक छोटा रूट ब्रिज और बाँस का स्काईवॉक है। फिर बांग्लादेश सीमा पर डावकी, जहाँ सर्दियों में उमंगोट नदी इतनी साफ़ होती है कि नावें हवा में तैरती लगती हैं। नाव की सवारी किनारे से मिलती है। रात श्नोंगपडेंग के नदी किनारे कैंप में रुकें या शिलांग लौटें (लगभग तीन घंटे)।

छठा दिन, वापसी

फ़्लाइट वाले दिन शिलांग से जल्दी निकलें। गुवाहाटी में घुसते समय ट्रैफ़िक धीमा हो सकता है, और भारी बारिश के बाद भूस्खलन से कभी-कभी रास्ता बंद होता है।

प्रति व्यक्ति मोटा खर्च

मद किफ़ायती (₹, लगभग) मध्यम (₹, लगभग)
गुवाहाटी की आने-जाने की फ़्लाइट 7,000-12,000 10,000-16,000
ड्राइवर के साथ गाड़ी, 6 दिन (दो लोगों में) 10,000-14,000 12,000-16,000
ठहरना, दो लोग एक कमरे में, 5 रातें 6,000-10,000 14,000-25,000
प्रवेश शुल्क, गाइड, डावकी की नाव 1,500-2,500 2,500-4,000
खाना 3,000-5,000 5,000-8,000
कुल 27,500-43,500 43,500-69,000

कब जाएँ

अक्टूबर से अप्रैल सबसे आसान समय है। डावकी की नदी नवंबर से अप्रैल तक सबसे साफ़ रहती है। जून से सितंबर मानसून है। सोहरा दुनिया की सबसे ज़्यादा बारिश वाली जगहों में है: झरने ज़बरदस्त होते हैं, पर नज़ारे बादलों में छिप जाते हैं, ट्रेक फिसलन भरे हो जाते हैं और डावकी का पानी मटमैला हो जाता है।

ध्यान रखें

  • ज़्यादातर गाँव छोटा प्रवेश या पार्किंग शुल्क लेते हैं। छोटे नोट रखें; शिलांग के बाहर नेटवर्क और कार्ड मशीन कम मिलती हैं।
  • लोगों की फ़ोटो लेने से पहले पूछें और गाँवों में शालीन कपड़े पहनें। ज़्यादातर खासी परिवार ईसाई हैं, इसलिए रविवार सुबह कई जगह बंद रहती हैं।
  • बाहर के राज्यों की टैक्सी को कुछ जगहों पर स्थानीय ड्राइवर की ज़रूरत पड़ती है। शिलांग का ड्राइवर लेने से यह झंझट नहीं रहता।

लोग अक्सर पूछते हैं

काज़ीरंगा भी जोड़ सकते हैं?

हाँ, दो दिन और जोड़ें। काज़ीरंगा गुवाहाटी से लगभग साढ़े चार घंटे पूर्व में है, और पार्क मोटे तौर पर नवंबर से अप्रैल खुला रहता है।

रूट ब्रिज ट्रेक कितना मुश्किल है?

तकनीकी नहीं, बस खड़ी चढ़ाई है। ठीक-ठाक फ़िट लोग आराम से कर लेते हैं। घुटनों की तकलीफ़ हो तो मावलिननॉन्ग के पास वाला छोटा रूट ब्रिज देखें।

परिवार और अकेली महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

मेघालय को आमतौर पर पर्यटकों के लिए सुरक्षित और मिलनसार माना जाता है। सामान्य सावधानी रखें: अँधेरे के बाद सुनसान सड़कों से बचें और ड्राइवर का नंबर पास रखें।

तस्वीर: Living root bridges of Nongriat village in East Khasi Hills district, Meghalaya JEG7387, PJeganathan, CC BY-SA 4.0 (Wikimedia Commons)

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