10 दिन में राजस्थान: किले, महल और थार का रेगिस्तान
By Ganesh ·
जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर और उदयपुर का 10 दिन का राजस्थान सफ़र, पुष्कर के वैकल्पिक पड़ाव के साथ, साथ ही सही मौसम, ट्रेन और सड़क यात्रा पर काम की सलाह।
राजस्थान वही भारत है जो तस्वीरों में दिखता है: पहाड़ियों पर खड़े किले, नक्काशीदार हवेलियाँ, झीलों के किनारे महल और थार के सुनहरे टीले। लेकिन यह राज्य बहुत बड़ा भी है। शहरों के बीच की दूरियाँ लंबी हैं, और अगर सब कुछ देखने की कोशिश करेंगे तो आधी यात्रा रास्ते में ही निकल जाएगी। यह 10 दिन का रूट चार मशहूर शहरों, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर और उदयपुर, को जोड़ता है और बीच में आराम का समय भी छोड़ता है। एक-दो दिन और हों तो जयपुर और जोधपुर के बीच पुष्कर आसानी से जुड़ जाता है।
कब जाएँ
घूमने के लिए सबसे अच्छा समय मोटे तौर पर अक्टूबर से मार्च है। दिन धूप भरे और सुहाने रहते हैं, और दिसंबर-जनवरी में रेगिस्तान की रातें काफ़ी ठंडी हो सकती हैं, इसलिए एक गरम कपड़ा ज़रूर रखें। अप्रैल से जून तक राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में बहुत तेज़ गर्मी पड़ती है और दोपहर में घूमना मुश्किल हो जाता है। मानसून, यानी लगभग जुलाई से सितंबर, में कुछ बारिश होती है और ख़ासकर उदयपुर के आसपास हरियाली दिखती है, पर उमस बनी रहती है।
त्योहारों की तारीख़ें हिंदू पंचांग के हिसाब से हर साल बदलती हैं। दिवाली, होली और पुष्कर का ऊँट मेला देखने लायक़ होते हैं, लेकिन उन दिनों भीड़ बहुत होती है और कमरे जल्दी भर जाते हैं, इसलिए तारीख़ें पहले से देखें और बुकिंग जल्दी करें।
10 दिन का रूट एक नज़र में
- जयपुर (3 रातें): गुलाबी नगरी, आमेर किला और बाज़ार।
- जोधपुर (2 रातें): मेहरानगढ़ के नीचे बसी नीली नगरी।
- जैसलमेर (2 रातें): जीवित किला और टीलों के पास एक रात।
- उदयपुर (3 रातें): झीलें, महल और धीमी रफ़्तार।
बहुत से यात्री दिल्ली से ट्रेन या सड़क के रास्ते जयपुर पहुँचते हैं और आख़िर में उदयपुर से उड़ान लेते हैं। उल्टी दिशा में चलना भी उतना ही अच्छा है।

दिन-ब-दिन योजना
दिन 1: जयपुर पहुँचें
होटल में सामान रखें और पुराने शहर में हल्की-फुल्की सैर करें। ढलती धूप में गुलाबी दीवारें सबसे सुंदर लगती हैं। शाम किसी छत वाले रेस्टोरेंट में बिताएँ।
दिन 2: आमेर किला और पुराना शहर
गर्मी और भीड़ से पहले, सुबह जल्दी आमेर किला पहुँचें। माओटा झील के ऊपर बने इसके शीश महल और आँगन कई लोगों के लिए जयपुर का सबसे यादगार हिस्सा हैं। दोपहर में सिटी पैलेस, विशाल खगोलीय यंत्रों वाला जंतर मंतर और हवा महल का जालीदार अग्रभाग देखें।
दिन 3: अपनी रफ़्तार से जयपुर
शहर के नज़ारे के लिए नाहरगढ़ किला, कुकिंग क्लास, ब्लॉक प्रिंटिंग की वर्कशॉप, या बस बाज़ारों में कपड़े, रत्न और ब्लू पॉटरी देखना, जो मन करे चुनें। बाज़ारों में मोल-भाव आम है; सरकारी एम्पोरियम के तय दाम अंदाज़ा लगाने में मदद करते हैं।
दिन 4: जोधपुर की ओर
ट्रेन या सड़क से यह सफ़र लगभग पूरा दिन ले लेता है। अगर पुष्कर जोड़ रहे हैं तो यहाँ एक-दो रात रुकें: पवित्र झील के चारों ओर बसा छोटा तीर्थ नगर, घाटों, मंदिरों और सुकून भरे माहौल के साथ। पुष्कर धार्मिक नगर है, इसलिए आम तौर पर शराब और मांसाहार नहीं मिलता, और घाटों पर शालीन कपड़े पहनें।
दिन 5: जोधपुर
नीले घरों के समंदर के ऊपर खड़ी चट्टान पर बना मेहरानगढ़ किला भारत के सबसे भव्य किलों में से एक है; इसे पूरी सुबह दें। फिर संगमरमर का स्मारक जसवंत थड़ा, घंटाघर का बाज़ार और तूरजी का झालरा बावड़ी देखें। शाम को पुराने शहर की नीली गलियों में घूमना अपने आप में एक अनुभव है।
दिन 6: जैसलमेर की ओर
रास्ता थार रेगिस्तान के किनारे से गुज़रता है। समय से पहुँचें ताकि सूर्यास्त में किले को सुनहरा चमकता देख सकें।
दिन 7: जैसलमेर और रेत के टीले
जैसलमेर का किला दुनिया के उन गिने-चुने किलों में है जिनके अंदर आज भी लोग रहते हैं, मंदिरों, दुकानों और गेस्टहाउसों के बीच। जैन मंदिर और नक्काशीदार हवेलियाँ, ख़ासकर पटवों की हवेली, ज़रूर देखें। दोपहर बाद ऊँट की सवारी और सूर्यास्त के लिए टीलों की ओर निकलें। सम सबसे मशहूर इलाक़ा है और वहाँ भीड़ रहती है; खुड़ी जैसी शांत जगहें भी हैं। तारों के नीचे डेज़र्ट कैंप में रात बिताना एक क्लासिक अनुभव है। ऑपरेटर सोच-समझकर चुनें, हाल के रिव्यू पढ़ें और पहले ही साफ़ तय कर लें कि क्या-क्या शामिल है।
दिन 8: उदयपुर की ओर
यह रूट का सबसे लंबा हिस्सा है। ज़्यादातर लोग जोधपुर होकर जाते हैं, और कुछ लोग रास्ते में रणकपुर के जैन मंदिर या कुंभलगढ़ का किला देखते हैं, जिसकी दीवारें कई किलोमीटर तक फैली हैं। अगर गाड़ी और ड्राइवर साथ है तो रास्ते में रुकना फ़ायदेमंद है।
दिन 9: उदयपुर
झीलों की नगरी उदयपुर इस रूट का सबसे सुकून भरा पड़ाव है। विशाल सिटी पैलेस घूमें, पिछोला झील में नाव की सैर करें और सहेलियों की बाड़ी के बाग़ देखें। पानी पर तैरते लेक पैलेस के साथ झील पर सूर्यास्त, यात्रा का शानदार अंत है।
दिन 10: आराम की सुबह और विदाई
मिनिएचर पेंटिंग देखें, जगदीश मंदिर जाएँ या बस घाट पर बैठें, फिर एयरपोर्ट या स्टेशन के लिए निकलें।
आना-जाना
ट्रेन से
भारतीय रेल चारों शहरों को जोड़ती है, और ट्रेन का सफ़र आरामदायक, किफ़ायती और यादगार होता है। लंबे हिस्सों पर रात की स्लीपर ट्रेन से होटल की एक रात भी बचती है। लोकप्रिय ट्रेनें, ख़ासकर सीज़न में, जल्दी भर जाती हैं, इसलिए रिज़र्वेशन खुलते ही बुक करें। आधिकारिक IRCTC वेबसाइट या ऐप, या अधिकृत एजेंट का इस्तेमाल करें, और मौजूदा बुकिंग अवधि व क्लास की जानकारी वहीं देखें।
सड़क से
पूरे रूट के लिए ड्राइवर सहित गाड़ी किराए पर लेना बहुत आम है, और इससे रणकपुर, कुंभलगढ़ या रास्ते के गाँवों में रुकने की आज़ादी मिलती है। निकलने से पहले रूट, समय, ड्राइवर के ठहरने और क्या शामिल है, यह सब तय कर लें। राज्य और निजी बसें भी शहरों को जोड़ती हैं और सबसे सस्ता विकल्प हैं।
हवाई जहाज़ से
जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और (मौसम के हिसाब से) जैसलमेर में हवाई अड्डे हैं। समय कम हो तो घरेलू उड़ान से सड़क का एक लंबा दिन बच सकता है।
काम की बातें
- जल्दी शुरुआत करें। किले ठंडी, शांत सुबह में सबसे अच्छे लगते हैं; दोपहर की गर्मी में आराम करें।
- शालीन कपड़े पहनें, ख़ासकर मंदिरों में कंधे और घुटने ढके रखें। अक्सर जूते उतारने होते हैं, और जैन मंदिरों में चमड़े की चीज़ों को लेकर अलग नियम हो सकते हैं।
- पानी और धूप से बचाव साथ रखें। सर्दियों में भी रेगिस्तान की धूप तेज़ होती है।
- आधिकारिक स्रोत देखें: स्मारकों के टिकट, खुलने का समय और फ़ोटोग्राफ़ी शुल्क बदलते रहते हैं।
- विदेशी साथियों के लिए: ज़्यादातर विदेशी नागरिकों को भारत का वीज़ा चाहिए; मौजूदा नियम भारत सरकार के आधिकारिक वीज़ा पोर्टल पर देखें।
- ऑटो का किराया पहले तय करें, या जहाँ उपलब्ध हो, राइड ऐप इस्तेमाल करें।
- खाने का मज़ा लें। दाल बाटी चूरमा, लाल मांस, केर सांगरी, जोधपुर की प्याज़ कचौरी और मखनिया लस्सी ज़रूर चखें।
Sancharees में प्लान करें
Sancharees में एक ट्रिप बनाएँ और जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर और उदयपुर को सही दिनों पर पड़ाव के रूप में जोड़ें, साथ में वे किले और महल भी जो आप देखना चाहते हैं। अपनी फ़्लाइट, ट्रेन और होटल की कन्फ़र्मेशन ईमेल बुकिंग इनबॉक्स पर फ़ॉरवर्ड करें, वे अपने-आप सही दिनों पर पहुँच जाएँगी। फिर ट्रिप को अपने सहयात्रियों के साथ शेयर करें ताकि सबके पास एक ही प्लान रहे।
तस्वीरें: Amber Fort above Maota Lake, Jaipur, Jakub Hałun, CC BY-SA 4.0 · Hawa Mahal, Jaipur, Chainwit., CC BY-SA 4.0 · Mehrangarh Fort over Jodhpur, Sanhitasinha, CC BY-SA 4.0 · Jaisalmer Fort, Gérard Janot, CC BY-SA 3.0 · City Palace, Udaipur, Henrik Bennetsen, CC BY-SA 2.0 · Evening lights on Pushkar Lake, Felipe Skroski from Wellington, New Zealand, CC BY 2.0 (Wikimedia Commons)
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